शुक्र स्त्रोत | Shukar Strotam
शुक्र स्त्रोत | Shukar Strotam नमस्ते भार्गव श्रेष्ठ देव दानव पूजित ।वृष्टिरोधप्रकर्त्रे च वृष्टिकर्त्रे नमो नम: ॥1॥ देवयानीपितस्तुभ्यं वेदवेदांगपारग: ।परेण […]
शुक्र स्त्रोत | Shukar Strotam Read Post »
शुक्र स्त्रोत | Shukar Strotam नमस्ते भार्गव श्रेष्ठ देव दानव पूजित ।वृष्टिरोधप्रकर्त्रे च वृष्टिकर्त्रे नमो नम: ॥1॥ देवयानीपितस्तुभ्यं वेदवेदांगपारग: ।परेण […]
शुक्र स्त्रोत | Shukar Strotam Read Post »
राहु स्तोत्र | Rahu Strotam ाहुर्दानव मन्त्री च सिंहिकाचित्तनन्दनः ।अर्धकायः सदाक्रोधी चन्द्रादित्यविमर्दनः ॥1॥ रौद्रो रुद्रप्रियो दैत्यः स्वर्भानुर्भानुमीतिदः ।ग्रहराजः सुधापायी राकातिथ्यभिलाषुकः
राहु स्तोत्र | Rahu Strotam Read Post »
दशरथकृत शनि स्तोत्र | Dashrathkrat Shani Strotam नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च।नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥ नमो निर्मांस देहाय
दशरथकृत शनि स्तोत्र | Dashrathkrat Shani Strotam Read Post »
बृहस्पति स्त्रोतं | Brihaspati Strotam पीताम्बर: पीतवपु: किरीटी, चतुर्भुजो देवगुरु: प्रशान्त: ।दधाति दण्डं च कमण्डलुं च, तथाक्षसूत्रं वरदोsस्तु मह्यम ॥1॥
बृहस्पति स्त्रोतं | Brihaspati Strotam Read Post »
बुध स्त्रोतं | Budh Strotam पीताम्बर: पीतवपु किरीटी, चतुर्भुजो देवदु:खापहर्ता ।धर्मस्य धृक सोमसुत: सदा मे, सिंहाधिरुढ़ो वरदो बुधश्च ॥1॥ प्रियंगुकनकश्यामं
बुध स्त्रोतं | Budh Strotam Read Post »
गुरु पादुका स्तोत्रम् | Guru Paduka Strotam ॥ श्री गुरु पादुका स्तोत्रम् ॥ अनंत-संसार समुद्र-तार नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम् ।वैराग्य साम्राज्यद पूजनाभ्यां
गुरु पादुका स्तोत्रम् | Guru Paduka Strotam Read Post »
राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र | Radha Kriya Kataksh Stotram मुनीन्द्र–वृन्द–वन्दिते त्रिलोक–शोक–हारिणिप्रसन्न-वक्त्र-पण्कजे निकुञ्ज-भू-विलासिनिव्रजेन्द्र–भानु–नन्दिनि व्रजेन्द्र–सूनु–संगतेकदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥ अशोक–वृक्ष–वल्लरी वितान–मण्डप–स्थितेप्रवालबाल–पल्लव प्रभारुणांघ्रि–कोमले
राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र | Radha Kriya Kataksh Stotram Read Post »
किं नु नाम सहस्त्राणि जपते च पुन: पुन: ।यानि नामानि दिव्यानि तानि चाचक्ष्व केशव: ॥ मत्स्यं कूर्मं वराहं च वामनं
विष्णु स्त्रोत | Vishnu strot Read Post »
श्रीगणेशाय नमः ॥ दधन्नैरन्तर्यादपि मलिनचर्यां सपदि यत्सपर्यां पश्यन्सन् विशतु सुरपुर्यां नरपशुः ।भटान्वर्यान् वीर्यासमहरदसूर्यान् समिति याजगद्धुर्या काली मम मनसि कुर्यान्निवसतिम् ॥
कालिका स्त्रोत | Kalika Strot Read Post »
ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् ।रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।उपगम्याब्रवीद् राममगरत्यो भगवांस्तदा ॥ राम
आदित्य हृदय स्तोत्र | Aditya Hridaya Stotra Read Post »